2027 के ग्रह वक्री: सभी ग्रहों की वक्री चाल का सम्पूर्ण मार्गदर्शक

2027 में शुक्र को छोड़कर सभी मुख्य ग्रह वक्री होंगे, जिसमें तीन बार बुध वक्री, एक बार मंगल वक्री और गुरु, शनि, अरुण (यूरेनस), वरुण (नेपच्यून) व प्लूटो की वार्षिक वक्री चालें शामिल हैं। यहाँ 2027 की वक्री चालों की सभी तिथियाँ, राशियाँ और हर ग्रह के वक्री होने का अर्थ बताया गया है।

2027 वक्री तिथियाँ तालिका

ग्रहवक्री तिथियाँडिग्रीराशियाँ
मंगलJan 10 – Apr 110° कन्या – 20° सिंहकन्या, सिंह
बुधFeb 9 – Mar 35° मीन – 20° कुम्भमीन, कुम्भ
अरुण (यूरेनस)Until Feb 85° मिथुन – 1° मिथुनमिथुन
गुरुUntil Apr 1327° सिंह – 16° सिंहसिंह
बुधJun 10 – Jul 46° कर्क – 27° मिथुनकर्क, मिथुन
प्लूटोMay 8 – Oct 187° कुम्भ – 4° कुम्भकुम्भ
शनिAug 9 – Dec 2427° मेष – 21° मेषमेष
अरुण (यूरेनस)Sep 15 (2027) – Feb 12 (2028)9° मिथुन – 5° मिथुनमिथुन
बुधOct 7 – Oct 284° वृश्चिक – 19° तुलावृश्चिक, तुला
वरुण (नेपच्यून)Jul 9 – Dec 156° मेष – 3° मेषमेष

हर ग्रह की वक्री चाल: 2027 में क्या सिखाते हैं ये ग्रह?

मंगल वक्री: 10 जनवरी – 1 अप्रैल 2027 (10° कन्या – 20° सिंह)

मंगल साल की शुरुआत में ही वक्री होता है, कन्या से सिंह में लौटता है। यह दुर्लभ वक्री चाल हमें अपनी प्रेरणा, ऊर्जा और लक्ष्यों की ओर बढ़ने के तरीकों का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करती है। कन्या राशि में, मंगल कार्यशैली और दक्षता सुधारने के लिए कहता है; सिंह में, यह पूछता है कि असल में आपको किस चीज़ से जोश मिलता है। मंगल वक्री के समय नए बड़े काम शुरू करने की बजाय रणनीतिक विराम लें। अपनी महत्वाकांक्षाओं और नेतृत्व के तरीके पर पुनर्विचार करें।

बुध वक्री

  • 9 फरवरी – 3 मार्च 2027 (5° मीन – 20° कुम्भ): संवाद, अंतर्ज्ञान और आदर्शवाद पर फोकस रहेगा। पुराने विचार या चर्चाएँ लौट सकती हैं, खासकर रचनात्मक या दूरदर्शी प्रोजेक्ट्स में। हर विवरण जांचें और देरी के लिए धैर्य रखें।
  • 10 जून – 4 जुलाई 2027 (6° कर्क – 27° मिथुन): भावनात्मक बातचीत, परिवार से जुड़े विषय और पुरानी यादें उभर सकती हैं। यह भावनाओं को स्पष्ट करने और पुराने संबंधों को फिर से जोड़ने का मौका है।
  • 7 अक्टूबर – 28 अक्टूबर 2027 (4° वृश्चिक – 19° तुला): गहरे जज़्बात, रहस्य और रिश्तों की गतिशीलता सामने आएगी। इस समय समझौतों को फिर से तय करें और संबंधों में पुराने घाव भरें।

गुरु वक्री: 13 दिसंबर 2026 – 13 अप्रैल 2027 (27° सिंह – 16° सिंह)

सिंह राशि में गुरु वक्री आपको अपने व्यक्तिगत विकास, रचनात्मकता और उदारता पर आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करता है। बाहरी विस्तार की जगह भीतर की समझ और प्रेरणा खोजें। यह समय आपके असली जुनून से जुड़ने और जीवन में सच्ची खुशी तलाशने का है।

शनि वक्री: 9 अगस्त – 24 दिसंबर 2027 (27° मेष – 21° मेष)

मेष राशि में शनि वक्री आपके कर्तव्यों, सीमाओं और दीर्घकालिक योजनाओं की समीक्षा का समय है—खासतौर पर नेतृत्व और आत्मनिर्भरता से जुड़े मामलों में। यह समय आपके लक्ष्यों, अनुशासन और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का है। किसी भी रुकावट को मजबूत नींव बनाने का अवसर समझें।

अरुण (यूरेनस) वक्री

  • 8 फरवरी 2027 तक (5° मिथुन – 1° मिथुन): अरुण 2026 से वक्री चल रहा है, जिससे सोच, संवाद और नवाचार में बदलाव आ सकता है। मानसिक आदतों और सामाजिक दायरे को लेकर अचानक समझ आ सकती है।
  • 15 सितंबर 2027 – 12 फरवरी 2028 (9° मिथुन – 5° मिथुन): साल की दूसरी अरुण वक्री चाल नए विचार, तकनीक और सीखने के तरीकों में प्रयोग के लिए प्रेरित करती है। मिथुन से जुड़े सभी मामलों में लचीलापन रखें और अप्रत्याशित को अपनाएँ।

वरुण (नेपच्यून) वक्री: 9 जुलाई – 15 दिसंबर 2027 (6° मेष – 3° मेष)

मेष राशि में वरुण की वक्री चाल आपको अपने सपनों, आदर्शों और जीवन के उद्देश्य पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित करती है। अपनी पहचान से जुड़ी भ्रांतियाँ छोड़ें और आध्यात्मिक दिशा स्पष्ट करें। रचनात्मक प्रेरणा प्रबल रहेगी, लेकिन विवेक भी जरूरी है।

प्लूटो वक्री: 8 मई – 18 अक्टूबर 2027 (7° कुम्भ – 4° कुम्भ)

कुम्भ राशि में प्लूटो की वक्री चाल आपके समूह, समुदाय और समाज में भूमिका में गहरा परिवर्तन लाती है। पुराने पैटर्न छोड़ें और बदलाव को अपनाएँ, खासकर दूसरों से जुड़ने और सामूहिक योगदान के मामले में।

हर राशि के लिए क्या अर्थ है?

मेष

शनि और वरुण दोनों वक्री आपके लिए आत्ममंथन और पुनर्रचना का वर्ष बनाते हैं। अपनी महत्वाकांक्षा स्पष्ट करें और आत्म-चिकित्सा पर ध्यान दें। मंगल वक्री रोजमर्रा की दिनचर्या व सेहत पर विचार का मौका देता है।

वृषभ

कुम्भ में प्लूटो वक्री से करियर और सार्वजनिक छवि में बदलाव आएगा। बुध वक्री से वित्तीय और रिश्तों के मामलों की समीक्षा करें—बड़े फैसलों में सावधानी रखें।

मिथुन

पूरा वर्ष आपकी राशि में अरुण वक्री से पहचान और संवाद की शैली में बदलाव आएगा। बुध वक्री से साझेदारी और रचनात्मक प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ेगा। नए दृष्टिकोण के लिए लचीले रहें।

कर्क

जून–जुलाई में कर्क और मिथुन में बुध वक्री से परिवार और घर के विषय उभर सकते हैं। सिंह में गुरु वक्री से अपने मूल्य और संसाधनों पर पुनर्विचार करें। इन अवधियों में जड़ों से जुड़ें और असली महत्व समझें।

सिंह

मंगल और गुरु दोनों के वक्री होने से यह वर्ष आपके जुनून, नेतृत्व और आनंद की भावना को फिर से जांचने का है। बड़े कदम उठाने से पहले खुद को रिचार्ज करें।

कन्या

साल की शुरुआत में कन्या में मंगल वक्री से स्वास्थ्य और कार्यशैली पर ध्यान दें। मीन और कुम्भ में बुध वक्री से पुराने संवादों में उलझन हो सकती है—संवाद में धैर्य रखें।

तुला

अक्टूबर में बुध वक्री से रिश्तों और साझी संसाधनों पर असर पड़ेगा। कुम्भ में प्लूटो वक्री से आपके सामाजिक दायरे में भी बदलाव आएंगे। समझौतों को फिर से तय करें और संबंधों को गहरा बनाएं।

वृश्चिक

अक्टूबर में बुध वक्री आपकी ही राशि में शुरू होकर आत्मचिंतन का मौका देगा। कुम्भ में प्लूटो वक्री से घर या परिवार के माहौल में बदलाव आ सकते हैं। बदलाव को अपनाएँ और पुराने बोझ छोड़ें।

धनु

सिंह में गुरु वक्री से अपने विश्वास और दीर्घकालिक लक्ष्यों की समीक्षा करें। बुध वक्री से यात्रा या शिक्षा योजनाओं पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। भीतर की बुद्धि खोजें और बदलाव के लिए तैयार रहें।

मकर

कुम्भ में प्लूटो वक्री से वित्त और मूल्यों में बदलाव आएगा। सिंह और कन्या में मंगल वक्री से समय और ऊर्जा के निवेश पर पुनर्विचार करें। जो आपको आगे बढ़ाए, उसे प्राथमिकता दें।

कुम्भ

आपकी ही राशि में प्लूटो वक्री से गहरा आंतरिक परिवर्तन संभव है। मेष में शनि वक्री से संवाद और सीखने के नए तरीके अपनाएँ। अपनी बदलती पहचान को अपनाएँ।

मीन

फरवरी–मार्च में आपकी राशि से शुरू होता बुध वक्री, व्यक्तिगत लक्ष्यों और दृष्टि की समीक्षा के लिए प्रेरित करता है। मेष में वरुण वक्री से सपनों को वास्तविकता में उतारें। आत्म-सहानुभूति और सजगता का अभ्यास करें।

क्या आप जानना चाहते हैं कि ये वक्री चालें आपकी जन्म कुंडली को कैसे प्रभावित करेंगी? Tomorrow ऐप में मुफ्त में अपनी और अपनों की व्यक्तिगत गोचर जांचें।

Download Tomorrow on the App Store · Get it on Google Play